রবিবার, মার্চ 30

KSEAB: कर्नाटक स्कूल परीक्षा और मूल्यांकन बोर्ड की भूमिका

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KSEAB का परिचय

कर्नाटक स्कूल परीक्षा और मूल्यांकन बोर्ड (KSEAB) राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने और परीक्षा संचालन में एक महत्वपूर्ण संस्था है। इसकी स्थापना का मकसद छात्रों के लिए एक मानक तैयार करना और उन्हें उनकी शिक्षा में मार्गदर्शन प्रदान करना है। KSEAB विभिन्न स्तरों पर परीक्षा आयोजित करता है, जिसमें कक्षा 10 और कक्षा 12 शामिल हैं।

हालिया घटनाएँ

हाल ही में, KSEAB ने 2023-24 शैक्षणिक वर्ष के लिए कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा की। इस वर्ष परीक्षा का आयोजन मार्च 2024 में किया जाएगा, जिसमें लाखों छात्र शामिल होंगे। बोर्ड ने परीक्षा में नकल को रोकने के लिए सख्त उपाय भी लागू किए हैं, जैसे कि परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और मोबाइल फोन पर प्रतिबंध।

परीक्षा प्रणाली में सुधार

KSEAB ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई नए उपाय किए हैं। इनमें ओपन बुक परीक्षा प्रणाली और प्रोजेक्ट-आधारित परीक्षा शामिल हैं, जो छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव देने का प्रयास कर रहे हैं। KSEAB का यह उद्देश्य है कि छात्र परीक्षा में केवल अंक प्राप्त करने की बजाय उनके ज्ञान और समझ को भी सही मायने में विकसित करें।

भविष्य के संकेत

KSEAB ने आने वाले वर्षों में परीक्षा की प्रक्रिया और पाठ्यक्रम में सुधार की भी योजना बनाई है। स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। यह कदम कर्नाटक के छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए बेहतर तैयार करेगा। KSEAB शिक्षा के क्षेत्र में अद्यतन तकनीकी और संसाधनों का उपयोग करने का वादा कर रहा है, जिससे छात्रों को बेहतर सीखने के अवसर मिल सकें।

निष्कर्ष

KSEAB का काम सिर्फ़ परीक्षा आयोजित करना नहीं, बल्कि छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना भी है। इसके द्वारा उठाए गए कदम न केवल कर्नाटक के छात्रों के लिए, बल्कि पूरे देश के शिक्षा तंत्र के लिए एक मॉडल बन सकते हैं। भविष्य में, KSEAB शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा।

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