বুধবার, ফেব্রুয়ারি 18

what is phishing: फिशिंग क्या है और इससे कैसे बचें

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परिचय — महत्व और प्रासंगिकता

what is phishing (फिशिंग क्या है) आज के डिजिटल युग में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रश्न बन चुका है। ईमेल, मैसेज या कॉल के जरिए उपयोगकर्ताओं से संवेदनशील जानकारी चुराना फिशिंग का मूल उद्देश्य है। व्यक्तिगत डेटा, बैंक विवरण और पासवर्ड चोरी से व्यक्तियों और संगठनों दोनों को आर्थिक व गोपनीयता संबंधी नुकसान हो सकता है, इसलिए इस खतरे को समझना और उससे बचाव करना आवश्यक है।

मुख्य विवरण — फिशिंग क्या करता है और किस तरह

फिशिंग आमतौर पर धोखाधड़ीपूर्ण संदेशों के माध्यम से काम करती है जो विश्वसनीय स्रोत—बैंक, लोकप्रिय सेवाएँ या सहकर्मी—जैसे दिखाई देते हैं। इसमें प्रमुख रूप से शामिल होते हैं:

  • ईमेल फिशिंग: नकली ईमेल जिसमें खाता सत्यापन या सहायता के बहाने लिंक दिए जाते हैं।
  • स्मिशिंग (SMS फिशिंग): टेक्स्ट संदेशों के माध्यम से लिंक भेजना जो मॉलिशियस वेबसाइट पर ले जाते हैं।
  • वॉइस फिशिंग (vishing): फोन कॉल के जरिए वित्तीय जानकारी या OTP माँगना।
  • स्पीयर-फिशिंग: विशेष व्यक्ति या संगठन को लक्षित कर व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करना।

आसान पहचान के संकेतों में अज्ञात प्रेषक, गलत स्पेलिंग या असामान्य URL, तुरंत कार्रवाई का दबाव और अप्रत्याशित अटैचमेंट शामिल हैं।

सुरक्षा उपाय और प्रतिक्रिया

फिशिंग से बचाव के कुछ प्रभावी कदम हैं:

  • किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसके URL को सत्यापित करें; माउस कर्सर से होवर कर असली पता देखें।
  • बहु-कारक प्रमाणीकरण (MFA) सक्षम करें ताकि पासवर्ड चोरी से खाता सुरक्षित रहे।
  • सिस्टम और एप्लिकेशन समय पर अपडेट रखें और प्रतिष्ठित एंटीवायरस/एंटी-मैलवेयर का प्रयोग करें।
  • संवेदनशील जानकारी केवल आधिकारिक चैनलों पर ही साझा करें; ईमेल या संदेश से OTP/पासवर्ड न दें।
  • यदि फिशिंग का शक हो, तो संबंधित बैंक/सेवा प्रदाता से सीधे संपर्क करें और संभावित घुसपैठ की रिपोर्ट CERT-In या संबंधित प्राधिकरण को करें।

निष्कर्ष — पाठकों के लिए निहितार्थ

what is phishing एक साधारण परन्तु व्यापक खतरा है जिसे सतर्कता और तकनीकी उपायों से काफी हद तक रोका जा सकता है। व्यक्तिगत सतर्कता, संस्थागत नीतियाँ और नियमित जागरूकता-प्रशिक्षण फिशिंग के प्रभाव को कम करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। पाठक नियमित रूप से अपने डिजिटल व्यवहार की समीक्षा करें और अनजान स्रोतों से आने वाली अनुरोधों पर हमेशा संशय रखें।

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