শুক্রবার, জানুয়ারি 23

RIL Share Price: Reliance Industries का ताज़ा बाजार अवलोकन

0
1

परिचय — महत्व और प्रासंगिकता

रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है और इसका शेयर बाजार पर व्यापक प्रभाव है। निवेशक, वित्तीय विश्लेषक और रिटेल ट्रेडर नियमित रूप से “ril share price” पर नजर रखते हैं क्योंकि कंपनी का प्रदर्शन पेट्रोलियम, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल और दूरसंचार जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर तत्काल असर डालता है। शेयर की वर्तमान स्थिति से व्यापक बाजार धारणा, संस्थागत प्रवाह और भविष्य की आय के अनुमान प्रभावित होते हैं।

मुख्य जानकारी और आंकड़े

मार्केट स्नैपशॉट

Screener के अनुसार Reliance Industries Ltd. का Market Cap ₹ 18,91,839 Cr है। ताज़ा संदर्भ में वर्तमान कीमत रिपोर्ट के अनुसार ₹1,398 पर है। उपलब्ध उच्च/न्यूनतम रेंज Screener ने ₹1,612 / ₹1,115 दर्शाई है। स्टॉक का P/E अनुपात 24.7 और बुक वैल्यू ₹648 दर्ज है। डिविडेंड यील्ड का संकेत मौजूद है, लेकिन स्रोत में सटीक प्रतिशत नहीं दिया गया है।

ट्रेडिंग सत्र और उतार-चढ़ाव

Markets Insider की रिपोर्ट में कुछ सत्रों में शेयर में गिरावट भी दिखी है — एक संदर्भ में -3.57% का उल्लेख है। Dhan की ट्रेडिंग रिपोर्ट में आज के सत्र के हाई और लो क्रमशः ₹1,412.90 और ₹1,373.00 दर्ज हुए तथा औसत ट्रेडेड प्राइस ₹1,399.14 रही। ये आंकड़े बताए गए मूल्य दायरे और दैनिक वॉलैटिलिटी का संकेत देते हैं।

वित्तीय प्रवृत्तियाँ और व्यवसाय प्रोफ़ाइल

Markets Insider कंपनी की वित्तीय प्रवृत्तियों पर भी नज़र रखता है—ग्रॉस प्रॉफिट और ऑपरेटिंग इनकम में अलग-अलग अवधियों में बदलाव दर्ज हुए हैं (उदाहरण के लिए ग्रॉस प्रॉफिट परिवर्तन में 4.64%, 7.38%, 13.92%, 30.37% जैसे आंकड़े दिखते हैं)। कंपनी के प्रमुख व्यवसायों में हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन, रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल और टेलीकॉम शामिल हैं। प्रबंधन में शुमीत बनर्जी, अरुणधाती भट्टाचार्य, हाइग्रेव खैतान और अंशधारक निर्देशक के रूप में अकाश और ईशा मुकेश अंबानी जैसे नाम सूचीबद्ध हैं।

निष्कर्ष — निष्कर्ष और पाठकों के लिए महत्व

कुल मिलाकर, “ril share price” वर्तमान में मध्यम वॉलैटिलिटी के साथ कारोबार कर रहा है और फंडामेंटल मैट्रिक्स जैसे P/E और बुक वैल्यू निवेशकों के लिए उपयोगी संदर्भ प्रदान करते हैं। निकट अवधि में भाव में उतार-चढ़ाव संभव है; इसलिए निवेशक डिविडेंड कैलेंडर, शीघ्र आने वाली कंपनी घोषणाएँ और समग्र मार्केट सेंटिमेंट पर नजर रखें। दीर्घकालिक निवेशक कंपनी के विविध व्यवसाय मॉडल और फंडामेंटल्स को ध्यान में रखकर निर्णय ले सकते हैं, जबकि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर दैनिक ट्रेडिंग रेंज और वॉल्यूम को प्राथमिकता दें।

Comments are closed.