Strait of Hormuz: वैश्विक तेल मार्ग और रणनीतिक महत्व

परिचय — महत्व और प्रासंगिकता
Strait of Hormuz दुनिया के प्रमुख समुद्री संकरे मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी और अरब सागर/गulf of Oman को जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री परिवहन के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके पार से गुजरने वाले जहाजों में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) से जुड़े माल होते हैं, इसलिए इस जलमार्ग की सुरक्षा और अवरोध वैश्विक बाजारों पर प्रत्यक्ष प्रभाव डालते हैं।
मुख्य तथ्य और घटनाक्रम
भौगोलिक स्थिति और सीमाएँ
Strait of Hormuz फारस की खाड़ी के दक्षिण पूर्वी हिस्से में स्थित है और इसे पार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का उपयोग किया जाता है। इसकी सबसे संकरी कड़ी लगभग 21 समुद्री मील (लगभग 39 किलोमीटर) चौड़ी है, और यह मुख्य रूप से ईरान और ओमान के तटों के बीच स्थित है।
आर्थिक और समुद्री महत्व
यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है—अनुमानित रूप से विश्वभर में समुद्र मार्ग से पहुंचने वाले कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। इसलिए किसी भी प्रकार के अवरोध से ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव, शिपिंग मार्गों में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ सकता है।
सुरक्षा और रणनीतिक चुनौतियाँ
Strait of Hormuz का रणनीतिक महत्व समय-समय पर क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय नौसेना गतिविधियों का कारण बनता रहा है। समुद्री सुरक्षा, तटवर्ती नियंत्रण और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा इस मार्ग से जुड़े प्रमुख मुद्दे हैं। इन चुनौतियों का प्रभाव वैश्विक आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा बाजारों पर भी दिखाई देता है।
निष्कर्ष — निहितार्थ और संभावनाएँ
Strait of Hormuz का महत्व आने वाले दशकों में भी बना रहेगा। वैश्विक अर्थव्यवस्था में ऊर्जा की भूमिका और समुद्री शिपिंग की निर्भरता इसे रणनीतिक केंद्र बनाती है। भविष्य में वैकल्पिक पाइपलाइनों, अन्य शिपिंग मार्गों और क्षेत्रीय डिप्लोमेसी के प्रयासों के माध्यम से जोखिम कम करने की पहल जारी रहने की संभावना है। पाठकों के लिए सन्देश साफ है: इस जलमार्ग में होने वाले परिवर्तन सीधे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए नीति निर्माताओं और उद्योग दोनों के लिए सतर्कता और दीर्घकालिक योजना आवश्यक है।









