ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी (blockchain technology): उपयोग, चुनौतियाँ और भविष्य

परिचय — विषय का महत्व और प्रासंगिकता
ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी (blockchain technology) एक वितरित लेज़र तकनीक है जो डिजिटल रिकॉर्ड को ब्लॉकों में सुरक्षित रूप से जोड़कर पारदर्शिता, अखंडता और फ्रॉड-रोधी गुण देती है। यह वित्तीय लेनदेन से लेकर आपूर्ति शृंखला, सार्वजनिक सेवाओं और डिजिटल संपत्ति तक व्यापक प्रभाव डाल रही है। भारत समेत वैश्विक स्तर पर इसकी प्रासंगिकता बढ़ रही है क्योंकि संगठनों और नीतिनिर्माताओं को विश्वास योग्य, परिवर्तन-प्रतिरोधी डेटा संरचनाओं की आवश्यकता है।
मुख्य विवरण — कैसे काम करती है और वर्तमान उपयोग
प्रमुख सिद्धांत और तकनीकी बातें
ब्लॉकचेन एक विकेंद्रीकृत डेटाबेस है जहाँ नए लेनदेन को ब्लॉकों में जोड़ा जाता है और क्रिप्टोग्राफिक हैश से जुड़ा रहता है। नेटवर्क में सामंजस्य (कंसेंसस) के लिए प्रूफ-ऑफ-वर्क (PoW) और प्रूफ-ऑफ-स्टेक (PoS) जैसे मैकेनिज्म उपयोग किए जाते हैं। Ethereum जैसे प्लेटफॉर्म स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की अनुमति देते हैं, जो स्वचालित और निष्पादन-योग्य नियम लागू करते हैं।
वास्तविक दुनिया में अनुप्रयोग
वित्त: क्रिप्टोकरेंसी, डेफाई (DeFi) और डिजिटल संपत्ति ब्लॉकचेन पर निर्भर हैं। भारत में वित्तीय नीतियां बदल रही हैं—वित्त वर्ष 2022 में सरकार ने वर्चुअल डिजिटल असेट पर 30% कर और 1% TDS जैसी कराधान व्यवस्थाएँ लागू कीं। केंद्रीय बँकें भी केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) पर काम कर रही हैं; भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल रुपया (e₹) के पायलट आरंभ किये हैं।
सप्लाई चेन, स्वास्थ्य और सार्वजनिक क्षेत्र
सप्लाई चेन में ट्रेसबिलिटी और प्रमाणिकता के लिए ब्लॉकचेन उपयोगी है; स्वास्थ्य रिकॉर्ड और सरकारी रजिस्टर भी संभावित उपयोग के क्षेत्र हैं। उद्योग शुद्धता और ट्रांज़ॅक्शन रिकॉर्ड की आवश्यकता के कारण पायलट और उत्पादन-स级 प्रयोग बढ़ रहे हैं।
निष्कर्ष — निष्कर्ष, पूर्वानुमान और पाठकों के लिए महत्व
ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने का वादा करती है, पर चुनौतियाँ भी हैं: स्केलेबिलिटी, ऊर्जा खपत (खासकर PoW), गोपनीयता और नियामक अनिश्चितता। तकनीकी प्रगति जैसे लेयर‑2 समाधान, शार्डिंग और PoS अपनाने से प्रदर्शन व ऊर्जा दक्षता सुधर रही है। आने वाले वर्षों में ब्लॉकचेन और AI/IoT के संयोजन से नए एप्लिकेशन उभरेंगे और नियामक ढाँचे स्पष्ट होंगे। पाठकों के लिए संकेत है: यह तकनीक आर्थिक और डिजिटल सेवाओं को प्रभावित करेगी — इसलिए नीति, सुरक्षा और निजी डेटा के प्रभावों पर सतर्क रहना ज़रूरी है।









