শনিবার, ফেব্রুয়ারি 7

Pariksha Pe Charcha Live 2026: पीएम मोदी का छात्रों से संवाद

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परिचय: क्यों महत्वपूर्ण है Pariksha Pe Charcha Live 2026

pariksha pe charcha live 2026 भारत में परीक्षा सीज़न से ठीक पहले आयोजित होने वाली वार्षिक संवाद परंपरा का नौवां संस्करण है। इस कार्यक्रम का महत्व इसलिए है क्योंकि प्रधानमंत्री सीधे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से जुड़कर परीक्षा की तैयारी, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास बढ़ाने जैसे मुद्दों पर मार्गदर्शन देते हैं। ऐसे समय में जब बोर्ड परीक्षाओं का दबाव उच्च रहता है, यह संवाद छात्रों को मानसिक और व्यावहारिक दोनों तरह की तैयारी के लिए प्रेरित करता है।

मुख्य घटनाक्रम और बातें

नौवां संस्करण और कार्यक्रम का स्वरूप

Pariksha Pe Charcha 2026 नौवीं बार आयोजित हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के Exam Warriors से लाइव बातचीत की। इस बार संवाद Devmogra, Coimbatore, Raipur, Guwahati और 7, LKM, दिल्ली से जुड़े प्रतिभागियों के साथ हुआ। कार्यक्रम को MyGov India और Ministry of Education द्वारा लाइव प्रसारित किया गया और आम दर्शक भी यूट्यूब पर देख सके।

प्रधानमंत्री के मुख्य संदेश

पीएम ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि “Not having a dream is a crime — always have a dream and work towards it.” उन्होंने छात्रों को लक्ष्य रखने और उसके लिए लगातार मेहनत करने का महत्व बताया। इसके अलावा उन्होंने अंक और कौशल के बीच संतुलन बनाए रखने, जीवन और पेशेवर कौशल दोनों पर ध्यान देने, और समय प्रबंधन व तनाव नियंत्रण पर व्यावहारिक सुझाव दिए। पीएम ने छात्रों से कहा कि वे शिक्षकों से हमेशा एक कदम आगे रहने का प्रयास करें और आत्मविश्वास बनाएं।

विशेष ध्यान: तनाव और समय प्रबंधन

कार्यक्रम में परीक्षा दबाव से निपटने के तरीके, समय प्रबंधन और आत्म-देखभाल जैसे विषयों पर चर्चा हुई। पीएम ने नेतृत्व, वेलनेस और ड्रीम चेज़िंग जैसे पहलुओं पर भी बात की, ताकि छात्र परीक्षाओं के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास के लिए भी तैयार हों।

निष्कर्ष: महत्व और आगे का अर्थ

pariksha pe charcha live 2026 ने एक बार फिर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को परीक्षा तैयारी से जुड़ी उपयोगी दिशा-निर्देश और मानसिक समर्थन दिया। यह कार्यक्रम शैक्षिक तैयारी के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य और करियर दृष्टिकोण पर भी केंद्रित है, जिससे आने वाले वर्षों में छात्र और स्कूल समुदाय बेहतर रूप से सुसज्जित हों। भविष्य में ऐसे संवाद छात्रों के व्यवहारिक कौशल और परीक्षात्मक परिणामों पर सकारात्मक प्रभाव डालने की उम्मीद जगाते हैं।

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