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Eyes Wide Shut — स्टेनली कुब्रिक की अंतिम रहस्यमयी फिल्म

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परिचय: क्यों मायने रखती है “Eyes Wide Shut”

1999 में प्रदर्शित “Eyes Wide Shut” स्टेनली कुब्रिक द्वारा निर्देशित, निर्मित और सह-लिखित एक एरॉटिक मनोवैज्ञानिक ड्रामा है। टॉम क्रूज़ और निकोल किडमैन के अभिनय से सजित यह फिल्म कुब्रिक के कैरियर की अंतिम लंबी फीचर मानी जाती है और इसकी विषयवस्तु — वासना, शपथ और गुप्त समुदाय — आज भी सार्वजनिक और अकादमिक रोमांच का विषय बनी हुई हैं। फिल्म की कला, संगीत और प्रतीकवाद पर बहस ने इसे समय के साथ और भी चर्चनीय बना दिया है।

मुख्य विवरण और घटनाएँ

निर्माण और प्रेरणा

फिल्म की शुरुआत स्टेनली कुब्रिक द्वारा आर्थर स्निट्ज़लर की कहानी/नॉवेला पढ़ने के बाद हुई; वह उस समय किसी नए प्रोजेक्ट की तलाश में थे जो “2001: A Space Odyssey” के बाद आता। कुब्रिक ने इस साहित्यिक स्रोत से प्रेरणा लेकर एक विस्तृत और परतदार नाटकीय फिल्म तैयार की।

कहानी और कास्ट

नेटफ्लिक्स के संक्षेप के अनुसार, कहानी उस उच्च समाजी न्यू यॉर्क सिटी के चिकित्सक बिल हारफोर्ड (टॉम क्रूज़) के इर्द‑गिर्द घूमती है, जो अपनी पत्नी की अप्रत्याशित स्वीकारोक्ति के बाद एक सुर्रियल, पूरी रात चलने वाली यात्रा पर निकल पड़ता है और एक एरॉटिक अंडरवर्ल्ड में प्रवेश कर जाता है। इसमें निकोल किडमैन, सिडनी पोलैक, व अन्य कई कलाकार शामिल हैं।

संगीत और प्रतीकवाद

जोसलिन पुक ने फिल्म के लिए मूल संगीत लिखा है, जबकि कुब्रिक की अन्य फिल्मों की तरह इस फिल्म में भी क्लासिकल संगीत के उपयोग पर ध्यान दिया गया। शोध और आलोचना में कैरोलीन रूवे ने फिल्म में मुखौटे (मास्क) को प्रमुख प्रतीक माना है।

प्राप्ति और विमर्श

फिल्म की रिलीज़ के बाद कई मिथक और विवाद उभरे; कुछ लेख फिल्म को “नोटोरियस” और “रहस्यमयी” बताते हैं, वहीं दूसरी पक्ष पर मिथकों को खंडित करने वाले विश्लेषण भी उपलब्ध हैं। द क्राइटेरियन कलेक्शन इसे कुब्रिक के करियर‑समाप्तिक कृति के रूप में देखते हुए न्यू यॉर्क सिटी के सपने जैसी प्रस्तुति करार देता है।

निष्कर्ष: महत्व और आगे की दिशा

Eyes Wide Shut आज भी फिल्म‑प्रेमियों और शोधकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय है। इसकी विषयवस्तु, सांगीतिक रूपरेखा और प्रतीकात्मकता इसे बार‑बार विश्लेषण के योग्य बनाती हैं। आने वाले वर्षों में भी यह फिल्म विशेष संस्करणों, अकादमिक अध्ययनों और सार्वजनिक बहसों के माध्यम से प्रासंगिक बनी रहेगी, जबकि स्ट्रीमिंग उपलब्धता और री‑एवैल्यूएशन इसके सांस्कृतिक प्रभाव को प्रभावित करते रहेंगे।

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