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होली कब है — तिथि, कारण और महत्व जानें

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परिचय

होली हिंदू कैलेंडर का एक प्रमुख उत्सव है जो हर वर्ष रंग, संगीत और मिलन का प्रतीक बनकर आता है। यह त्योहार सामाजिक सद्भाव, शत्रुता निवारण और ऋतुओं के परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है। पाठकों के लिए यह जानना उपयोगी है कि होली कब है, ताकि वे यात्रा, परिवार व सार्वजनिक आयोजनों की योजनाएँ पहले से बना सकें। वर्तमान संदर्भ में (1 फरवरी 2026) त्योहार की तिथि जानने के लिए पारंपरिक पंचांग और आधिकारिक छुट्टियों के उल्लेख पर ध्यान देना आवश्यक है।

होली की तिथि कैसे निर्धारित होती है

होली सामान्यतः हिंदू चंद्र कैलेंडर की फाल्गुन मास की पूर्णिमा (पूर्ण चंद्र) के दिन मनाई जाती है। त्योहार के पहले दिन ‘होलिका दहन’ या ‘छोटी होली’ का अनुष्ठान रात में होता है और अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है। चंद्रमा के चक्र पर आधारित होने के कारण समय हर वर्ष ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार बदलता है और कुछ क्षेत्रों में स्थानीय परंपराओं के अनुसार तिथियों में भिन्नता देखी जा सकती है।

क्षेत्रीय विविधताएँ और आयोजन

भारत में होली का उत्सव विभिन्न राज्यों में अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है—उदाहरण के लिए ब्रज में लठमार होली, ऋषिकेश व उत्तर भारत में पारंपरिक रंग-गुलाल, और पूर्वोत्तर तथा ओडिशा में स्थानीय रीति-रिवाज। सार्वजनिक आयोजनों, रंग वाले मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन आम है, इसलिए स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देश और सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखना आवश्यक होता है।

2026 में होली कब है — क्या ध्यान रखें

चूँकि होली की तिथि चन्द्रचक्र पर निर्भर है, सटीक दिन जानने के लिए अपने शहर या राज्य का पंचांग देखें या मान्यता प्राप्त धर्मशास्त्रीय स्रोत और सरकारी छुट्टियों की सूची पर भरोसा करें। इस साल भी अपेक्षा होती है कि होली मार्च के मध्य-या अंत के आसपास पड़ेगी, परन्तु तारीख स्थानीय पंचांग के अनुसार बदल सकती है। आयोजन की योजनाओं के लिए अग्रिम टिकट बुकिंग, परिवार व सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरण-हितैषी रंजक (प्राकृतिक रंग) चुनने का सुझाव दिया जाता है।

निष्कर्ष

होली केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं बल्कि सामाजिक मेल-मिलाप और सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक है। पाठकों के लिए जरूरी है कि वे होली कब है यह जानने के लिए अपने स्थानीय पंचांग और आधिकारिक सूचनाएँ देख लें तथा आयोजन करते समय सुरक्षा और पर्यावरण का ध्यान रखें। सही तिथि व कार्यक्रम की जानकारी होने से त्योहार को सुरक्षित और आनंददायक ढंग से मनाया जा सकेगा।

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