বৃহস্পতিবার, জানুয়ারি 29

ई केवाईसी राशन कार्ड: प्रक्रिया, लाभ और चुनौतियाँ

0
1

परिचय: क्यों ई केवाईसी राशन कार्ड महत्वपूर्ण है

ई केवाईसी राशन कार्ड सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में लाभार्थियों की पहचान और सब्सिडी वितरण को डिजिटल तरीके से सत्यापित करने की प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया लाभार्थियों को सही सहायता पहुंचाने, लाभदाताओं की डुप्लीकेट प्रविष्टियों को रोकने और राशन वितरण को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान में कई राज्यों ने राशन कार्ड से लाभार्थियों का ई केवाईसी कराना शुरू कर रखा है ताकि रजिस्टर अपडेट रहें और ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ जैसी पहलों के साथ समन्वय सुचारू हो सके।

मुख्य भाग: प्रक्रिया, सुविधाएँ और व्यवहारिक पहलू

ई केवाईसी कैसे होता है

ई केवाईसी में सामान्यत: लाभार्थी अपना आधार नंबर या अन्य पहचान संख्या देता है और उत्तरदायी प्राधिकरण ऐडहॉक या सेंट्रल पोर्टल पर ऑथेन्टिकेशन करता है। ऑथेन्टिकेशन बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/आईरिस) या OTP के माध्यम से किया जा सकता है। राज्य व केन्द्र द्वारा उपलब्ध पोर्टल, नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) या राशनकार्ड कार्यालय के जरिए यह प्रक्रिया पूरी की जाती है।

लाभ

ई केवाईसी से लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित होती है, आवंटन में पारदर्शिता बढ़ती है और फर्जी या डुप्लीकेट राशन कार्ड घटते हैं। इससे सब्सिडी सही घरों तक पहुँचती है और वितरण लागत, समय तथा प्रशासनिक जटिलताएँ कम होती हैं। साथ ही, मोबाइल/ऑनलाइन सत्यापन से प्रक्रिया अधिक तेज और सुविधाजनक बनती है।

चुनौतियाँ और सावधानियाँ

ई केवाईसी के साथ कुछ चुनौतियाँ भी जुड़ी हैं: ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट व बायोमेट्रिक विफलता, पहचान प्रमाणीकरण में असफलता से लाभवंचित होने का जोखिम, और डेटा सुरक्षा व गोपनीयता संबंधी चिंता। इन मुद्दों के समाधान के लिए राज्य सरकारें वैकल्पिक सत्यापन विकल्प, स्थानीय सहायता केंद्र और शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करती हैं।

निष्कर्ष: पाठकों के लिए महत्त्व और अपेक्षित प्रभाव

ई केवाईसी राशन कार्ड का उद्देश्य PDS को अधिक पारदर्शी और लाभार्थी-केंद्रित बनाना है। लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने राशनकार्ड की स्थिति समय-समय पर जांचें, आवश्यक दस्तावेज साथ रखें और स्थानीय राशन कार्यालय या CSC से सहायता लें। भविष्य में बेहतर डिजिटल अवसंरचना और मजबूत शिकायत निवारण से ई केवाईसी से जुड़ी बाधाएँ घटेंगी और सस्ते अनाज व योजना लाभ अधिक सटीकता से प्रभावित परिवारों तक पहुँचेंगे।

Comments are closed.