রবিবার, জানুয়ারি 25

छत्तीसगढ़: विकास, संस्कृति और पर्यटन

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परिचय: छत्तीसगढ़ का महत्व और प्रासंगिकता

छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) केंद्रीय भारत का एक भूमि-लब्ध राज्य है जो 1 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया। भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से यह राज्य महत्वपूर्ण है—यह न केवल वनस्पति और जनजातीय विरासत प्रस्तुत करता है, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी तेजी से उभर रहा है। राज्य की आर्थिक वृद्धि, विकसित पावर सेक्टर और समृद्ध सांस्कृतिक त्योहारों के कारण यह राष्ट्रीय और पर्यटन दोनों दृष्टियों से प्रासंगिक बना हुआ है।

मुख्य विवरण और घटनाक्रम

स्थापना और भौगोलिक स्थिति

छत्तीसगढ़ का गठन 1 नवंबर 2000 को हुआ। यह एक लैंडलॉक्ड राज्य है और उत्तर में इसका सीमा Uttar Pradesh से मिलती है।

आर्थिक स्थिति

राज्य की नाममात्र सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 2023–24 में अनुमानित ₹5.09 लाख करोड़ (US$60 बिलियन) है, जो इसे भारत की 17वीं सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था बनाता है। छत्तीसगढ़ को अक्सर तेज़ी से विकासशील राज्यों में गिना जाता है और समाचार रिपोर्टों में इसे ‘among fastest growing states’ के रूप में उल्लेख किया गया है। उल्लेखनीय रूप से, राज्य का पावर सेक्टर प्रभावी ढंग से विकसित माना जाता है, जो उद्योग और उपभोक्ता दोनों के लिए आधारशिला का कार्य करता है।

सांस्कृतिक और पारिस्थितिक विरासत

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान में जनजातीय समुदायों की कला, धर्म और विरासत का प्रमुख योगदान है। Bastar जिले का Jagdalpur शहर और उसके आसपास के क्षेत्र—जैसे Bastar, Dantewada (Dakshin Bastar), Kanker (Uttar Bastar)—लोकजीवन और उत्सवों के अनोखे स्वर प्रदर्शित करते हैं। राज्य के अन्य प्रादेशिक नामों में Kabirdham, Chhuikhadan-Gandai, Manpur, Pendra-Marwahi, Champa, Bilaigarh, Ramanujganj (Baikunthpur) और Chirmiri-Bharatpur (Ambikapur) शामिल हैं।

पर्यटन के प्रमुख आकर्षण

छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है। Jagdalpur में स्थित Chitrakote जलप्रपात को भारत का सबसे चौड़ा जलप्रपात माना जाता है और इसे अक्सर ‘Niagara of India’ कहा जाता है। राज्य के घने वन और आदिवासी संस्कृति पर्यटकों को पुरातन भारत के जीवन का अनुभव कराते हैं।

निष्कर्ष: भविष्य और पाठकों के लिए महत्व

समेकित आर्थिक वृद्धि, विकसित पावर सेक्टर और पर्यटन व सांस्कृतिक धरोहरों के संयोजन से छत्तीसगढ़ आगे विकास और निवेश के लिए अवसर प्रस्तुत करता है। यात्रियों के लिए यह समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक अनुभव का स्रोत है, जबकि नीति-निर्माताओं और व्यवसायों के लिए यह सतत विकास के संभावित केंद्र के रूप में उभर रहा है। भविष्य में राज्य की आर्थिक रैंकिंग और पर्यटन संभावनाएँ और अधिक महत्व रख सकती हैं।

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