south indian bank share — ताज़ा रुझान और वित्तीय अवलोकन

परिचय — महत्व और प्रासंगिकता
बैंकिंग शेयर निवेशकों और अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का संकेत देते हैं। south indian bank share विशेष रूप से छोटे व मध्यम निवेशकों के लिए ध्यान का केंद्र रहा है क्योंकि बैंक का प्रदर्शन जमा-उत्पत्ति, कर्ज गुणवत्ता और तिमाही आय के आधार पर शीघ्र प्रतिक्रिया देता है। हाल के वित्तीय आंकड़े और शेयर कीमत की चाल बाजार भावना और बैंक के परिचालन ट्रेंड का संकेत देती है।
मुख्य तथ्य और हालिया प्रदर्शन
शेयर और मार्केट डेटा
विभिन्न स्रोतों के अनुसार South Indian Bank के शेयर की हालिया कीमतों में कुछ भिन्नता दर्ज की गई है। एक रिपोर्ट में पिछले कारोबारी दिन (NSE) का समापन मूल्य Rs. 45.10 बताया गया है, जबकि एक अन्य रिपोर्ट में वर्तमान कीमत ₹46.1 दर्शायी गयी है। आज के सत्र में शेयर ने 43.44 पर खुलकर 44.85 तक ऊंचा और 43.02 तक नीचा देखा गया। अलग स्रोतों में उच्च/न्यूनतम स्तर ₹46.8 / ₹22.1 भी दर्ज है। शेयर अक्सर NSE पर सबसे अधिक ट्रेड किए जाने वाले सिक्योरिटीज में शामिल रहा है।
वित्तीय संकेतक
बैंक की मार्केट कैप पर स्रोतों में कुछ अन्तर है — ₹11,368.92 करोड़ से लेकर ₹12,070 करोड़ तक रिपोर्टेड। स्टॉक का P/E अनुपात ~8.70 है, बुक वैल्यू ₹42.1 और डिविडेंड यील्ड लगभग 0.87% है। ये संकेतक अपेक्षाकृत कम वैल्यूएशन और धीरे-धीरे आय-उत्पादन की दिशा को दर्शाते हैं।
क्वार्टरवार प्रदर्शन और जोखिम
कंसोलिडेटेड आधार पर तिमाही (31-12-2025) कुल आय ₹3,003.26 करोड़ रही, जो पिछले तिमाही के ₹2,922.57 करोड़ से 2.76% अधिक और पिछले वर्ष की समान तिमाही ₹2,817.84 करोड़ से 6.58% अधिक है। बैंक ने रिपोर्ट किया कि स्टैंडअलोन ग्रॉस NPA और नेट NPA दोनों 31-12-2025 तिमाही के लिए 0.00% दर्ज हैं। वार्षिक राजस्व सेगमेंट में ब्याज व डिस्काउंट ऑन एडवांसेज, निवेश से आय और RBI/इंटर-बैंक बैलेंस पर ब्याज प्रमुख स्रोत बताए गए हैं (वर्ष समाप्ति 31-03-2025)।
निष्कर्ष — अर्थ और आगे की संभावनाएँ
संक्षेप में, south indian bank share ने हालिया तिमाही में सकल आय में वृद्धि और निचले NPA स्तर का संकेत दिया है, जबकि मार्केट कैप और मूल्यांकन में स्रोतों के बीच कुछ अंतर दिखता है। कम P/E और स्थिर बुक वैल्यू मूल्यांकन को आकर्षक बना सकते हैं, पर शेयर की इन्ट्राडे वेरिएबिलिटी और मिश्रित प्राइस पॉइंट्स निवेशकों के लिए सतर्क रहने का कारण हैं। निवेशक लाइव NSE/BSE डेटा और आगामी तिमाही रिपोर्ट पर नजर रखें—बैंके से सम्बन्धित व्यापक आर्थिक और रेगुलेटरी परिवर्तनों का प्रभाव भी महत्वपूर्ण रहेगा।









