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मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2023: तिथि और महत्व

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मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व

मार्गशीर्ष पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो हर साल मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस दिन को हिन्दू पंचांग के अनुसार विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और व्रतों के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन, कई श्रद्धालु नदी, तालाब और अन्य जलाशयों में स्नान करके भगवान की आराधना करते हैं।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा कब है 2023 में

इस वर्ष, मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2023 में 6 दिसम्बर को मनाई जाएगी। यह दिन विशेष रूप से देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित होता है। लोग इस दिन विशेष रूप से अपने घरों की सफाई करते हैं और दीप जलाते हैं।

उत्सव और रीति-रिवाज

मार्गशीर्ष पूर्णिमा के अवसर पर, घरों में विशेष पूजा अर्चना की जाती है और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। कई लोग व्रत रखते हैं और रात में चाँद को देखकर आहार ग्रहण करते हैं। इस दिन, विशेष रूप से उधारी चुकाने और पुरानी गलतियों की माफी मांगने की परंपरा भी है।

निष्कर्ष

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का त्योहार केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि समाज में प्रेम और सद्भावना को बढ़ावा देने का भी एक अवसर है। यह दिन सभी के लिए एक नए आरंभ का प्रतीक है और सभी को एकत्रित होकर एक साथ त्योहार मनाने का अवसर देता है। 2023 में मार्गशीर्ष पूर्णिमा आने वाले समय में हमारे जीवन में नवीनता और تعالی लाएगी। इसके साथ ही, यह अवसर हमें एकजुट होकर अपने धर्म और संस्कृति का पालन करने के लिए भी प्रेरित करता है।

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