বৃহস্পতিবার, ফেব্রুয়ারি 12

11 february day: महिलाओं और लड़कियों के लिए विज्ञान में समान अवसर

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परिचय: 11 february day क्यों महत्वपूर्ण है

11 february day विश्व स्तर पर महिलाओं और लड़कियों के विज्ञान में भागीदारी को बढ़ावा देने वाला एक प्रतीकात्मक दिन है। यह दिन विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित (STEM) में लिंग आधार पर असमानता और बाधाओं पर ध्यान केंद्रित करने, नीतियाँ बनाने और प्रेरक कदम उठाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत जैसे देशों में जहाँ युवा आबादी अधिक है, महिलाओं को विज्ञान के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय दोनों के लिए जरूरी है।

मुख्य भाग: इतिहास, तथ्य और आयोजन

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2015 में महिलाओं और लड़कियों को विज्ञान में बढ़ावा देने के लिए इस दिवस की स्थापना की। प्रत्येक वर्ष 11 फरवरी को यह दिन मनाया जाता है ताकि शिक्षा, करियर मार्गदर्शन, शोध व नीतिगत समर्थन के माध्यम से लैंगिक अंतर कम किया जा सके।

वास्तविकता और आंकड़े

वैश्विक स्तर पर महिलाओं की STEM में उपस्थिति अभी भी कम है। UNESCO के आंकड़ों के अनुसार शोधकर्ताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी 30% से कम रहती है, जो यह दर्शाता है कि प्रवेश के बावजूद करियर में बरकरार रखना चुनौतीपूर्ण है। भारत में भी STEM शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी में सुधार हुआ है, पर वरिष्ठ पदों, अनुसंधान फंड और नेतृत्व में असमानता बनी हुई है।

आयोजन और पहल

11 february day पर विश्वभर के विश्वविद्यालय, स्कूल, गैर-सरकारी संगठन और सरकारी निकाय कार्यशालाएँ, मेंटरशिप प्रोग्राम, मीडिया अभियानों और पैनल चर्चाओं का आयोजन करते हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य रोल मॉडल प्रस्तुत करना, छात्राओं को शोध और करियर विकल्पों से जोड़ना और नीति निर्माताओं को ठोस कदमों के लिए प्रेरित करना होता है।

निष्कर्ष: पाठकों के लिए महत्व और भविष्य के संकेत

11 february day केवल एक स्मरण दिवस नहीं है बल्कि यह कार्रवाई की वक्रीकृत याद दिलाने वाला मंच है। भविष्य में अधिक लक्ष्य-निर्धारित नीतियाँ, छात्रवृत्तियाँ, लचीली करियर मार्ग और पूर्वाग्रह-बिंदुओं को चुनौती देने वाले कार्यक्रम आवश्यक होंगे। पाठक, अभिभावक और नीतिकार — तीनों की भूमिका महत्त्वपूर्ण है: समर्थन, प्रेरणा और संसाधन उपलब्ध कराकर लाखों युवा लड़कियों को विज्ञान में समावेशित कर समाज और अर्थव्यवस्था दोनों को समृद्ध किया जा सकता है।

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