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हृदय (heart): स्वास्थ्य, रोकथाम और सामान्य जानकारी

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परिचय

ह्यूमन शरीर का heart सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह रक्त को सर्कुलेट कर शरीर के ऊतकों को ऑक्सीजन व पोषक तत्व प्रदान करता है। हृदय की सही कार्यप्रणाली का सीधा असर जीवन की गुणवत्ता और आयु पर पड़ता है, इसलिए इसके स्वास्थ्य को समझना और संरक्षित रखना आज के जीवनशैली में अत्यंत प्रासंगिक है।

मुख्य तथ्य और संरचना

heart चार कक्षों में विभक्त होता है — दो कमरे (अटरिया) और दो निचले कक्ष (वेंट्रिकल)। यह लगातार सिकुड़ने व फैलने की क्रिया से रक्त को फेफड़ों व शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचाता है। दिल की आपूर्ति करने वाली प्रमुख धमनियां कोरोनरी आर्टरी कहलाती हैं; इनका स्वस्थ रहना heart के लिए आवश्यक है।

सामान्य समस्याएँ

heart से जुड़ी सामान्य स्थिति में कोरोनरी आर्टरी रोग, दिल का दौरा (मायोकार्डियल इन्फ़ैक्शन), अतालता (arrhythmia), और हार्ट फेलियर शामिल हैं। इन अवस्थाओं के लक्षणों में सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलना, तेज या अनियमित धड़कन, थकान और चक्कर आना शामिल हो सकते हैं।

जोखिम कारक

कुछ प्रमुख जोखिम कारक हैं: उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, धूम्रपान, अधिक वजन, अस्वस्थ आहार और शारीरिक रूप से निष्क्रिय जीवनशैली। आनुवंशिकी और आयु भी जोखिम को प्रभावित कर सकती हैं।

रोकथाम और देखभाल

heart स्वास्थ्य बनाए रखने के व्यावहारिक उपायों में संतुलित आहार (फल, सब्ज़ी, साबुत अनाज, कम संतृप्त वसा), नियमित व्यायाम, धूम्रपान छोड़ना, शराब का सीमित सेवन और वजन नियंत्रण शामिल हैं। समय-समय पर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जाँच कराना भी जरूरी है। जो लोग उच्च जोखिम में हैं उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयाँ और जीवनशैली परिवर्तन अपनाने चाहिए।

निष्कर्ष और महत्व

heart स्वास्थ्य व्यक्तिगत और सार्वजनिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण है। जीवनशैली में छोटे-छोटे परिवर्तन, नियमित जांच और त्वरित चिकित्सा सहायता से हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम कम किए जा सकते हैं। भविष्य में बढ़ती शहरी जीवनशैली और उम्र बढ़ने के साथ heart रोगों की चुनौती बनी रहेगी, इसलिए जागरूकता और रोकथाम पर जोर देना आवश्यक है।

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