বুধবার, ফেব্রুয়ারি 11

शिवरात्रि कब है: महाशिवरात्रि की तिथि और महत्त्व

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परिचय: शिवरात्रि का महत्त्व और प्रासंगिकता

शिवरात्रि हिन्दू धर्म का एक प्रमुख त्यौहार है, जो भगवन् शिव को समर्पित है। यह धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। हर साल शिवरात्रि की तिथि चंद्र कैलेंडर (हिन्दू पंचांग) के अनुसार बदलती रहती है, इसलिए यह सवाल “शिवरात्रि कब है” अक्सर पूछा जाता है।

मुख्य भाग: शिवरात्रि कब और कैसे निर्धारित होती है

तिथि और पंचांग

महाशिवरात्रि सामान्यतः फाल्गुन मास (फ़रवरी—मार्च) के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (चतुर्थी रात) को आती है। हिन्दू चंद्र कैलेंडर के अनुसार यह कृष्ण पक्ष की 14वीं रात पर आता है और ग्रेगोरियन कैलेंडर में हर वर्ष बदलता है। कुछ क्षेत्रों में इसकी गणना माह के नाम या स्थानीय परंपराओं के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती है।

मासिक शिवरात्रि

ध्यान देने योग्य बात यह है कि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि भी मनाई जाती है, जिसे मासिक व्रत कहा जाता है। महाशिवरात्रि इन मासिक शिवरात्रियों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है और इस दिन विशेष पूजा-पाठ और अनुष्ठान होते हैं।

अनुष्ठान और प्रथाएँ

महाशिवरात्रि पर भक्त रात्रि भर जागते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं, शिवलिंग पर दूध, दही, गंगाजल और बेलपत्र अर्पित करते हैं। कई मंदिरों में खास कार्यक्रम होते हैं और ज्योतिर्लिंगों सहित प्रमुख शिव मंदिरों में भारी भीड़ रहती है।

निष्कर्ष: पाठकों के लिए सुझाव और भविष्यवाणी

चूँकि शिवरात्रि की तिथि हर वर्ष बदलती है, सटीक तिथि और पूजा का मुहूर्त जानने के लिए स्थानीय पंचांग देखें या निकटतम मंदिर/पंडित से संपर्क करें। यह त्यौहार आध्यात्मिक चिंतन, संयम और सामुदायिक भागीदारी का अवसर देता है। आगामी वर्ष की महाशिवरात्रि की तिथि जानने के लिए आधिकारिक पंडांग या धर्मिक संस्थाओं की घोषणाओं पर भरोसा करें।

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