शब ए कद्र 2025: महत्व और तिथियाँ

शब ए कद्र क्या है?
शब ए कद्र, जिसे ‘कदर की रात’ भी कहा जाता है, इस्लाम में विशेष आध्यात्मिक रातों में से एक है। यह रात रमजान के अंतिम दस दिनों में आती है और इसे पवित्र कुरान की नाजिल होने की रात माना जाता है। शब ए कद्र की रात का महत्व इस्लाम में अत्यधिक है और इसे अल्लाह की कृपा और रहमत की अद्भुत रात माना जाता है।
शब ए कद्र 2025 की तिथियाँ
शब ए कद्र की तिथि हर साल चाँद की कैलेंडर पर निर्भर करती है। 2025 में, इसे 19, 21 या 23 रमजान की रातों में से एक माना जा सकता है। तिथि की निश्चितता आमतौर पर हिजरी कैलेंडर के अनुसार पद्धति आधारित होती है, और सही तिथि का पता स्थानीय उलेमा या इस्लामिक केंद्रों द्वारा किया जा सकता है।
इस रात का महत्व
इस रात को पैगंबर मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर पवित्र कुरान की पहली आयतें भेजी गई थीं। यह रात उन लोगों के लिए बहुत अहम है जो अपने अधूरे कामों के लिए अल्लाह से माफी मांगना और दुआएँ करना चाहते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस रात अल्लाह अपने बंदों की दुआओं को स्वीकार करते हैं।
प्रमुख दुआएँ करने का महत्व
शब ए कद्र पर की जाने वाली दुआ का विशेष महत्व है। मुसलमानों को इस रात में अधिक से अधिक इबादत करनी चाहिए। माफी मांगने और अपनी व्यथा व्यक्त करने के लिए यह एक उत्तम मौका है। विशेषकर, “اللّهُمّ إنّكَ عَفُوٌّ كَريمٌ تُحِبُّ العَفْوَ فاعفُ عَنّا” (अल्लाह, तुम माफी देने वाले हैं, तुम माफी को पसंद करते हो, इसलिए हमें माफ कर दो) का पाठ करना शुभ माना जाता है।
निष्कर्ष
शब ए कद्र 2025 की तिथि न केवल औपचारिक धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि हर मुसलमान के जीवन में एक विशेष स्थान रखती है। इस रात को इबादत, दुआ और अल्लाह की कृपा प्राप्त करने का सुनहरा अवसर माना जाता है। इसलिए इस रात का इंतजार पूरे मन से करना और इसे अपने दिल की गहराइयों से मानना चाहिए।