বৃহস্পতিবার, এপ্রিল 3

मुहम्मद युनुस: समाज सुधारक और नोबेल पुरस्कार विजेता

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परिचय

मुहम्मद युनुस, एक बांग्लादेशी अर्थशास्त्री और समाज सुधारक, जिनका जन्म 28 जून 1940 को हुआ था, को मुख्य रूप से सूक्ष्म वित्त के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। उन्हें 2006 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजा गया था, जिसका उद्देश्य गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उनके योगदान को मान्यता देना था। युनुस का काम न केवल बांग्लादेश में बल्कि दुनिया भर में गरीबी के खिलाफ संघर्ष में प्रेरणादायक रहा है।

मुख्य घटनाएं और तथ्य

युनुस ने 1976 में “ग्रामीण बैंक” की स्थापना की, जो गरीबों को छोटे ऋण प्रदान करता है, बिना किसी तरह की संपत्ति गिरवी रखने की आवश्यकता के। उनके इस विचार ने लाखों लोगों की जि़ंदगी में सुधार किया। युनुस ने इस प्रणाली के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर दिया, जो उनकी प्राथमिकता बनी।

हाल ही में, युनुस ने कोविड-19 के बाद की पुनर्बहाली में मुक्त ऋण की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उन्होंने भारत सहित कई देशों में सूक्ष्म वित्तका विकास करने वाले संगठनों के साथ सहयोग किया है। सरकारों और वैश्विक संस्थानों के लिए उनके विचार आज भी महत्वपूर्ण हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ आर्थिक असमानता बढ़ रही है।

महत्व और भविष्य के संकेत

युनुस का कार्य यह साबित करता है कि गरीबों के लिए वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना संभव है। उनका मॉडल दुनियाभर में फैल चुका है और उम्मीद है कि आने वाले समय में इस तरह के प्रोजेक्ट्स को और प्रोत्साहन मिलेगा।

युनुस की शिक्षाएं बताते हैं कि आर्थिक विकास केवल बडे़ उद्योगों से नहीं, बल्कि छोटे स्तर पर उद्यमिता को प्रोत्सहित कर भी संभव है। इसके अलावा, उनकी नीतियों के माध्‍यम से, हमें आने वाले समय में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की उम्मीद है।

संक्षेप में, मुहम्मद युनुस का योगदान न केवल बांग्लादेश में, बल्कि पूरे विश्व में गरीबी और असमानता के खिलाफ एक स्थायी बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण है।

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