मकर संक्रांति कब है 2024: महत्वपूर्ण तिथियाँ और रिवाज

मकर संक्रांति का महत्व
मकर संक्रांति भारतीय त्यौहारों में विशेष स्थान रखता है। यह त्यौहार हर साल जनवरी में मनाया जाता है और इसे सूर्य देव की उपासना का दिन माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसके चलते दिन बढ़ने लगते हैं। यह दिन हिंदू धर्म के अनुसार नए harvest season की शुरुआत का प्रतीक भी है। विभिन्न राज्यों में इस दिन को अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे कि उत्तरायण, खिचड़ी, पोंगल और लोहड़ी।
मकर संक्रांति 2024 की तारीख
इस वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी 2024 को मनाई जाएगी। यह दिन विशेष रूप से मकर राशि के लिए विशेष माना जाता है और सर्दी के मौसम के समापन की सूचना भी देता है। इस दिन लोग स्नान कर के दान-पुण्य करते हैं और विभिन्न प्रकार के पकवानों का सेवन करते हैं।
विभिन्न राज्यों में उत्सव
मकर संक्रांति विभिन्न प्रदेशों में भिन्न-भिन्न रूप में मनाई जाती है। पोंगल, तमिलनाडु में इस दिन को बड़े उत्साह से मनाते हैं, जहाँ लोग अपने घरों को सजाते हैं और पारंपरिक पोंगल व्यंजन बनाते हैं। पंजाब में इसे लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है, जहाँ लोग अग्नि में रोटियाँ और मूँगफली डालते हैं। उत्तर प्रदेश में इसे खिचड़ी के नाम से जाना जाता है, और लोग इस दिन तिल और गुड़ का सेवन करते हैं।
निष्कर्ष
मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है जो न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। यह पर्व हमें शुभारंभ, एकता और समृद्धि का संदेश देता है। इस दिन की तैयारी और इसके पीछे का महत्व हमें हमारे परंपराओं से जोड़ता है। इस वर्ष मकर संक्रांति को मनाते समय हम सभी को अपने आस-पास के लोगों के साथ इस खुशियों को बांटने का प्रयास करना चाहिए।









