पूर्णिमा कब है: 2023 के कार्यक्रम और महत्व

पूर्णिमा का महत्व
पूर्णिमा, चंद्रमा के पूर्ण रूप का दिन है और यह हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह दिन धार्मिक अनुष्ठानों और पर्वों के लिए प्रमुख माना जाता है। चंद्रमा के इस चरण को पवित्रता और आत्मिक ऊंचाई का प्रतीक माना जाता है। पूर्णिमा के दिन, भक्तगण विशेष पूजा, व्रत और ध्यान करते हैं ताकि उन्हें मानसिक शांति और संतुलन प्राप्त हो सके।
2023 में पूर्णिमा की तारीखें
2023 में पूर्णिमा की प्रमुख तिथियाँ निम्नलिखित हैं:
- जनवरी 6 (कृष्ण पूर्णिमा)
- फरवरी 5
- मार्च 7
- अप्रैल 6
- मई 5
- जून 4
- जुलाई 3
- अगस्त 1
- अगस्त 30
- सितंबर 29
- अक्टूबर 28
- नवंबर 27
- दिसंबर 26
पूर्णिमा के त्योहार
पूर्णिमा के दौरान कई महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जाते हैं, जैसे कि कार्तिक पूर्णिमा, जो विशेष रूप से वाराणसी में महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन गंगा में स्नान करना और दीपदान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, माग पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा जैसे त्योहार भी मनाए जाते हैं, जो ज्ञान और आस्था के प्रतीक हैं।
निष्कर्ष
पूर्णिमा केवल चंद्रमा के पूर्ण रूप का संकेत नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक पुनर्जागरण और अनुष्ठानों का भी प्रतीक है। 2023 में होने वाली पूर्णिमा की तिथियों का ध्यान रखकर, लोग अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन कर सकते हैं। यह समय आत्म-परावर्तन और ऊर्जा पुनर्स्थापना के लिए सर्वोत्तम है। इसलिए, पूर्णिमा का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्थिरता के लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है।









