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परीक्षा पे चर्चा 2026: Exam Warriors के तहत तनाव मुक्त परीक्षा संवाद

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परिचय

परीक्षा पे चर्चा (pariksha pe charcha) एक ऐसा राष्ट्रीय मंच है जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में परीक्षा-संबंधी तनाव को कम करना है। यह पहल ‘Exam Warriors’ आंदोलन का हिस्सा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चलाया जाता है। इस कार्यक्रम की प्रासंगिकता इसलिए है कि यह न केवल छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा-काल के मानसिक दबाव से निपटने के उपाय सुझाता है, बल्कि नीति-निर्माताओं और स्कूलों के लिए भी संवाद का माध्यम बनता है। 2026 में भी यह अभियान युवाओं के लिए तनावमुक्त वातावरण बनाने की कोशिश जारी रखता है।

मुख्य विवरण और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

आयोजनों का क्रम

परीक्षा पे चर्चा का पहला संस्करण 16 फरवरी 2018 को आयोजित हुआ। इसका दूसरा संस्करण 29 जनवरी 2019 में नई दिल्ली में हुआ। तीसरा संस्करण 2020 में आयोजित किया गया और चौथा संस्करण 7 अप्रैल 2021 को ऑनलाइन माध्यम से संपन्न हुआ। स्रोतों के अनुसार 2025 में भी प्रधानमंत्री बच्चों के साथ संवाद करते दिखे, जो कार्यक्रम की निरंतरता का संकेत है।

ऑनलाइन और सहभागी स्वरूप

मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन और संबंधित सूचनाओं के अनुसार कुछ संस्करण ऑनलाइन आयोजित किए गए या ऑनलाइन घटकों के साथ हुए हैं। एक रिपोर्ट में उल्लेख है कि ‘Pariksha Pe Charcha 2.0’ के लिए छात्रों को प्रधानमंत्री से संवाद करने के लिए ऑनलाइन टेस्ट पास करना पड़ सकता था, और कई बार आयोजनों में MyGov जैसी सरकारी वेबसाइटों के माध्यम से भागीदारी और जानकारी साझा की गई। इससे कार्यक्रम की पहुँच विस्तृत हुई और अधिक छात्रों को शामिल होने का अवसर मिला।

कार्यक्रम का स्वरूप और संदेश

कार्यक्रम में सीधे संवाद, प्रश्नोत्तर सत्र और व्यवहारिक सुझाव शामिल होते हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में कार्यक्रम के हल्के-फुल्के पल भी बताए गए हैं, जो दर्शाते हैं कि बातचीत सहज और सामान्य जीवन से जुड़ी होती है। परंपरागत रूप से इसका केंद्रीय संदेश छात्रों को आत्मविश्वास, समय प्रबंधन और तनाव-नियंत्रण के व्यावहारिक उपाय प्रदान करना रहा है।

निष्कर्ष और महत्त्व

परीक्षा पे चर्चा pariksha pe charcha Exam Warriors आंदोलन के तहत एक स्थायी मंच बन गया है जो परीक्षा-संबंधी चिंताओं पर राष्ट्रीय संवाद को बढ़ावा देता है। भविष्य में यह हाइब्रिड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) स्वरूप में जारी रहने की संभावना रखता है, जिससे अधिक विद्यार्थी और अभिभावक जुड़ सकेंगे। समग्रतः यह पहल विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा-तैयारी के दृष्टिकोण में सकारात्मक प्रभाव डालने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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