तुर्की: वैश्विक राजनीति में नया मोड़

तुर्की का महत्व
तुर्की, जो एशिया और यूरोप के बीच बसा है, अपने समृद्ध इतिहास, विविध संस्कृति और सामरिक स्थिति के कारण वैश्विक पटल पर एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। हाल ही में, यह देश कई वैश्विक मुद्दों के केंद्र में रहा है, विशेषकर भू-राजनीतिक और आर्थिक संदर्भ में।
हाल की घटनाएँ
2023 में, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगान ने अपनी विदेश नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। उन्होंने नाटो के सहयोग के साथ साथ मध्य पूर्व में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। तुर्की ने करबख, सीरिया और सऊदी अरब जैसे क्षेत्रों में अपनी भूमिका बढ़ाई है। यह रणनीतिक बदलाव तुर्की की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा है, जो हाल के वर्षों में गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है। हाल ही में, तुर्की लिरा के सुस्त प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का ध्यान आकर्षित किया है।
आर्थिक स्थिति
वर्तमान में, तुर्की की अर्थव्यवस्था का अधिकतर हिस्सा पर्यटन और कृषि पर निर्भर है। तुर्की का पर्यटन क्षेत्र, जो हर वर्ष लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है, COVID-19 के बाद धीरे-धीरे पुनर्स्थापित हो रहा है। साथ ही, तुर्की ने विभिन्न व्यापारिक समझौते किए हैं, जो उसकी वैश्विक स्थिति को और मजबूत करते हैं।
निष्कर्ष
तुर्की एक ऐसा देश है जो अपनी अनोखी सांस्कृतिक धरोहर और रणनीतिक स्थिति के चलते विश्व के चश्मे में अलग जगह रखता है। वर्तमान घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि तुर्की न केवल अपनी आर्थिक स्थिरता के लिए प्रयास कर रहा है बल्कि वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भी सजग है। इसके भविष्य की दिशा वैश्विक ऊर्जा, सुरक्षा और आर्थिक नीतियों पर निर्भर करेगी। तुर्की की ये विकासशील प्रवृत्तियाँ न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी ध्यान आकर्षित करेंगी।